गुरुवार, 6 दिसंबर 2018

पुलिस अपराधों को निकालने 28 तरह के तैयार कर रही रजिस्टर

रीवा। दिसम्बर माह शुरू होने के बाद पुलिस विभाग का कामकाज भी तेज हो गया है। पुराने अपराधों को थानों में जहां पुलिस अधिकारी खंगाल रहे हैं तो वहीं पेंडेंसी दूर करने के लिए अपराधों की सूची तैयार कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों में भी पुराने कामकाज को निपटाने के साथ ही नए वर्ष में नए सिरे से काम को चालू करने की तैयारी भी की जा रही है। पेंडेंसी समाप्त करने के लिए विभाग में यह माह काफी अहम होता है। इससे थानों के कामकाज का आंकलन वरिष्ठ अधिकारी करते हैं कि पिछले 11 महीनों में घटित होने वाले अपराधों पर थाने में किस तरह की कार्रवाई की गई। दर्ज अपराधों में कितने मामलों को पूरा करके केश डायरी को बंद करने की कार्रवाई की गई तो वहीं शिकायतों को लेकर थानों में क्या स्थिति रही। अपराधियों की धर.पकड़ सहित अन्य तरह के मामलों को लेकर होने वाली समीक्षा के चलते थानों में कामकाज जहां तेजी से होता है वहीं नए रजिस्टर में अपराधों की संख्या ज्यादा न लिखनी पड़े इससे बचने के लिए भी ज्यादा से ज्यादा मामलों का निपटारा इस वर्ष में पूरा करने के लिए विभाग के लोग मुस्तैदी से काम करते हैं।
28 तरह के होते हैं रजिस्टर
पुलिसिया कार्रवाई और कामकाज का लेखा.जोखा तैयार करने के लिए थानों में 28 तरह के रजिस्टर तैयार किए जाते हैं। जिसमें मर्ग डायरीए जब्ती रजिस्टरए अपराध डायरीए रोजनामचाए वारेंट तामिली सहित अन्य तरह के रजिस्टर बनाए जाते हैं। बने हुए रजिस्टर में एक वर्ष तक कामकाज होता है और जनवरी में पुराने रजिस्टर को बंद करके नए रजिस्टर में इसका हिसाब.किताब तैयार किया जाता है। नए रजिस्टर में कम से कम पुराने मामलों की लिखा.पढ़ी हो जिसके चलते पेंडेंसी पुलिस ज्यादा से ज्यादा समाप्त करने के लिए काम करती है।
साहब से लेकर विवेचक तक व्यस्त
पुराने मामलों में कार्रवाई करके उसका लेखा.जोखा किए जाने के चलते इन दिनों साहब से लेकर न सिर्फ विवेचक बल्कि मैदानी स्तर पर काम करने वाले आरक्षक भी व्यस्त नजर आ रहे हैं। थाना प्रभारी जहां पुराने पेंडेंसी मामलों की सूची पर सूची निकलवाकर ऐसे अपराधों की समीक्षा करने में लगे हुए हैं और दर्ज अपराधों के हिसाब से एरिया बाई एरिया पर काम करके मैदानी स्तर पर काम करने वाले आरक्षकों को वारंट तामिलीए फरार आरोपियों की धरपकड़ सहित अन्य कामकाज की जिम्मेदारी दे रहे हैं। वहीं थाने में काम करने वाले विवेचक सहित प्रधान आरक्षक व अन्य सीनियर पुलिस कर्मी रिकार्डों को खंगालने और उसकी सूची तैयार करने सहित रजिस्टर को मेंटेन करने में लगे हुए हैं।
जिले में हैं 30 थाने
संभागीय मुख्यालय के साथ.साथ रीवा में रेंज स्तर के पुलिस कार्यालय संचालित हैं। आईजी दफ्तरए डीआईजी कार्यालयए पुलिस लाइनए एसपी कार्यालयए सीएसपी कार्यालय में भी दस्तावेजों को खगाला जा रहा है तो वहीं जिले में संचालित 30 थाना और 18 पुलिस चौकी एवं 6 अनुविभागीय पुलिस अधिकारियों के कार्यालय में भी दिसम्बर का असर है। जहां पेंडेंसी को समाप्त करने और नए वर्ष में नए तरह से कामकाज को लेकर विभागीय गतिविधि इन दिनों तेज है।
इनका कहना है
दिसम्बर से पुलिस रिकार्ड के लिए भी एक वर्ष पूरा होता है। पेंडेंसी समाप्त करने सहित अन्य तरह के कामकाज पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। कारण यह है कि ज्यादा से ज्यादा मामलों पर कार्रवाई हो और नए वर्ष में नए रजिस्टर तैयार करके उसमें कामकाज को नए सिरे से शुरू किया जाता है।
      -आशुतोष गुप्ता एएसपी

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